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Agricultural Land Conversion Rules : खेती की जमीन पर मकान बनाने से पहले जान ले जरुरी बातें


आपको भूमि का विवरण (Land Description) जैसे कि भूमि की सीमा, बंधक, फसलों और मिट्टी के प्रकार, पिछले और वर्तमान मालिकों के नाम आदि का उल्लेख किया जाना चाहिए.
 
खेती की जमीन पर मकान बनाने से पहले जान ले जरुरी बातें

Fast News24:  भारत में बहुत से ऐसे लोग है जिन्हे प्रोपर्टी के नियमों के बारे में अधिक जानकारी नही होती है। जानकारी के अभाव के कारण ही लोग ऐसी गलती कर बैठते है जो उन्हे बाद में भुगतनी पड़ती है। इसलिए प्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी आए दिन हम आपके लिए लेकर आते रहते हैं. इसी कड़ी में आज हम आपको जमीन से जुड़ी कुछ खास बातें बताएंगे, जो हर किसी के बेहद काम आती है, क्योंकि भारत जमीन में निवेश करने का काफी चलन है. लोग बाकी जगह से जमीन में पैसा लगाना ज्यादा बेहतर समझते हैं. प्रॉपर्टी के रेट (property rates) तेजी से बढ़ते हैं. अगर आप भी खेती की जमीन खरीद कर उस पर कुछ करने की प्लान बना रहे हैं तो आपको उससे जुड़े सभी नियमों के बारे में पता होना चाहिए.

यदि आपने भी कृषि भूमि खरीदी है और अब उस पर मकान बनाने का सोच रहे हैं या कृषि भूमि खरीदने जा रहे हैं तो आपको इससे जुड़ी सभी जानकारी  होना जरूरी है. क्योंकि कृषि भूमि पर मकान बनाना इतना आसान नहीं जितना आपको लगता है. कृषि भूमि पर आपका पूर्ण स्वामित्व होने के बावजूद, आप इस भूमि का उपयोग निवासों के निर्माण के लिए नहीं कर सकते हैं जब तक कि सरकार आपको ऐसा करने की अनुमति न दे, इसके कुछ नियम हैं.

पहले जान लें कौन सी होती है कृषि भूमि

कृषि भूमि (agricultural land) उस भूमि को कहा जाता हैं जिसका उपयोग फसलों के उत्पादन के लिए किया जा सकता हो. इसमें वह सब भूमि आ जाती है जिसमें वार्षिक फसलें उगाई जाती हैं. इसके अलावा कृषि भूमि को आम तौर पर उस भूमि क्षेत्र के हिस्से के रूप में परिभाषित किया गया है जो भूमि स्थायी चरागाहों, फसलों और कृषि आदि के इस्तेमाल के लिए उपयोगी की जाती है.

जमीन की खरीदने करने से पहले इस बात का रखें ख्याल

भारतीय कानून के अनुसार कृषि भूमि पर मकान (house on agricultural land), कारखाने, उद्योग आदि बनाने की अनुमति नहीं है. कृषि भूमि को गैर-कृषि भूमि में परिवर्तित करने के बाद ही उस ज़मीन पर कोई निर्माण हो सकता है. आवासीय उद्देश्य के लिए संपत्ति खरीदने से पहले आपको हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिस ज़मीन पर निर्माण हो रहा है वह गैर-कृषि भूमि हो. यदि  उस भूमि को शुरूआत में ही कृषि भूमि के रूप में आवंटित किया गया था तो इसे गैर-कृषि भूमि में परिवर्तित किया जाना चाहिए.

कृषि भूमि को आवासीय भूमि में परिवर्तित करने के नियम

भारत देश में कृषि एक राज्य का विषय होने के कारण, इसके लिए कई अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं जिनका पालन विभिन्न राज्य इस रूपांतरण के लिए करते हैं. एक आवेदन पत्र को भू-राजस्व विभाग (land revenue department) के आयुक्त को भेजा जाना चाहिए जो रूपांतरण के पीछे का कारण बताता है. जब कृषि भूमि को गैर-कृषि भूमि में परिवर्तित किया जाता है, तो संपत्ति और उसकी स्थानीयता के आधार पर एक अनिवार्य शुल्क का भुगतान किया जाना आवश्यक है.

जरूर देनी होती है ये जानकारी

 सभी अवैतनिक बकाया का भुगतान किया जाना चाहिए, और भुगतान प्रमाण की प्रतियां जोड़ी जानी चाहिए. उपायुक्त या कलेक्टर रूपांतरण की अनुमति तभी देंगे जब उन्हें आश्वस्त किया जाए कि आवश्यक शर्तें पूरी हो गई हैं और जमीन पर कोई बकाया या मुकदमे नहीं हैं.