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Chanakya Niti: ऐसी पत्नी पति के जीवन को पूरी तरह से कर देती है बर्बाद, आज ही तोड़ दें रिश्ता

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में चरित्रहीन महिलाओं के बारे में बताया है जो अपने पति के जीवन को बर्बाद कर देती है. 
 
ऐसी पत्नी पति के जीवन को पूरी तरह से कर देती है बर्बाद, आज ही तोड़ दें रिश्ता

Fast News24: चाणक्य एक लोकप्रिय कूटनीतिज्ञ रहे हैं और इनकी नीतियों को अपनाकर कई लोगों ने जीवन में सफलता हासिल की है। आचार्य चाणक्य की इन्हीं नीतियों का संग्रह नीति शास्त्र (chanakya Niti) है।​ जिसमें जीवन से जुड़े कई अहम पहलुओं का जिक्र है। इन नीतियों (Chanakya ki Niti) को अपनाकर व्यक्ति अपनी सफलता की सीढ़ी चढ़ सकता है और अपने जीवन को भी खुशहाल बना सकता है।

शादी के बाद एक स्त्री पर पति और उसके पूरे पीढ़ी की खुशियों की जिम्मेदारी होती है। वह किसी घर में बस एक बहू नहीं बल्कि इज्जत बनकर जाती है। इसलिए एक विवाहित औरत को बहुत सोच-समझकर हर काम करना चाहिए। माना जाता है कि पत्नी गुणवान हो तो वह एक बिगड़े हुए आदमी को भी सुधार देती है, उसकी असफलताओं को सफलता में बदलने की ताकत रखती है। लेकिन, यदि पत्नी का स्वभाव इसके विपरीत हो तो इसका परिणाम परिवार के हर एक सदस्य को भुगतना पड़ सकता है। खुद पति भी कभी अपनी लाइफ में सुख का अनुभव नहीं कर पाता है।

महान कूटनीतिक और दार्शनिक आचार्य चाणक्य के नीतियों के संग्रह पुस्तक चाणक्य नीति में भी इस बात का जिक्र मिलता है, कि यदि पत्नी में पतन करने वाले गुण हो तो उसे छोड़ देना ही उचित होता है। खराब पत्नी की पहचान आप नीचे बताए गए लक्षणों से कर सकते हैं।

जो सोच-विचार कर ना बोले

​चाणक्य नीति के अनुसार, ऐसी पत्नी के त्याग को सही माना गया है, जिसका अपनी वाणी पर वश न हो और जो बहुत कठोर शब्दों का प्रयोग करे। क्योंकि ऐसे लोग कुछ भी बोल देते हैं, जिससे बहुत बड़ी हानि हो सकती है। साथ ही इस तरह के लोग किसी दूसरे की भावना की चिंता नहीं करते हैं।

बात को बिना समझे गुस्सा करे

गुस्सा आना इंसान की प्रकृति है लेकिन जब कोई इससे ग्रसित होता है, तो वह अपने आसपास के लोगों के जीवन को भी कष्टदायक बना देता है।
इसलिए आर्चाय चाणक्य कहते हैं, कि जिस पत्नी का स्वभाव गुस्सैल होता है, उसे अपने और अपने परिवार की खुशियों के लिए छोड़ने में ही भलाई है।

घर का माहौल खराब रखे

घर में अशांति करने वाली पत्नी के साथ जीवन कभी भी सुखदायी नहीं बन पाता है। उसके इस गुण का परिणाम पूरी पीढ़ी को उठाना पड़ सकता है, क्योंकि ऐसी स्त्रियां अपने बच्चों को भी अच्छे गुण नहीं सिखा पाती है।

चाणक्य नीति के अनुसार, एक स्त्री अच्छी पत्नी तभी कहलाती है, जब वह अपने कर्म, धर्म और वचन से शुद्ध हो। उसे यह ज्ञात हो कि उसके द्वारा बोली गई बातों और किए गए कार्य का क्या परिणाम होगा। उसे अच्छी तरह और कम पैसों में भी घर चलाना आता हो। इसके साथ ही पति को प्यार करे हर सुख-दुख में उसका साथ दे।