Fast Newz 24

CIBIL Score: जल्दी लोन भरने से CIBIL स्कोर पर क्या प्रभाव पड़ता है, जानिए एक्सपर्ट की राय

Cibil Score Tips : सिबिल स्कोर खराब होने से बैंक के द्वारा आसानी से ग्राहकों को लोन नहीं दिया जाता है. लेकिन क्या जल्दी लोन भरने से सिबिल स्कोर खराब हो जाता है. तो चलिए जानते हैं विस्तार से...

 
्

Fast News24:  यदि आपने कोई कर्ज लिया है तो उसे चुकाना आपकी पहली प्राथमिकता होगी। बहुत से लोग कर्ज लेने के बाद उसे जल्दी से उतारने की कोशिश करते हैं। ज्यादातर लोग होम लोन या कार लोन का प्री पेमेंट करना चाहते हैं ताकि वे उसे जल्द से जल्द खत्म कर सकें।

RBI ने अगले महीने से बैंकों को नए नियम जारी किए हैं जो बैंकों को बताते हैं कि अगर आप लोन को जल्द चुकाते हैं तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ सकता है। आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है अगर आप बैलेंस सेटल करने के बाद किसी क्रेडिट कार्ड को बंद कर देते हैं या अपने लोन को पूरा चुका देते हैं। आपके क्रेडिट स्कोर बदलने की कई वजह हो सकती हैं। लोन अकाउंट को छोटी अवधि में चुकाने के बाद बंद कर देने से आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ सकता है।

आपका क्रेडिट स्कोर कैसे कैलकुलेट किया जाता है पता होना चाहिए। इसके अलावा, आपको यह भी पता होना चाहिए कि कर्ज चुकाने से आपका क्रेडिट स्कोर क्यों गिर जाता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि आप अपने क्रेडिट स्कोर को सुधारने के लिए क्या करना चाहिए।

आपके क्रेडिट स्कोर को निर्धारित करने में पेमेंट इतिहास, क्रेडिट यूटिलाइजेशन, क्रेडिट इतिहास की अवधि, नवीनतम क्रेडिट और क्रेडिट मिक्स जैसे कारक महत्वपूर्ण हैं। यदि आप मिनिमम अमाउंट ड्यू चुकाते रहते हैं और अपने मासिक किस्त को समय पर भुगतान करते हैं तो आपकी पेमेंट हिस्ट्री बेहतर होगी।

आप ₹3 लाख का कर्ज लेते हैं और ₹500000 का कर्ज क्रेडिट उपलब्ध है, तो इससे आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो बेहतर बना रहता है। आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की लंबाई भी आपके क्रेडिट अकाउंट की उम्र से निर्धारित की जाती है। आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो बढ़ जाता है अगर आप समय से पहले कर्ज चुका देते हैं या एक क्रेडिट कार्ड बंद कर देते हैं, इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ता है।

पुराना लोन अकाउंट या क्रेडिट कार्ड बंद कर देने से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की औसत उम्र घट जाती है, जो आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा प्रभाव डालता है। एक लोन अकाउंट को बंद कर देने से आपके क्रेडिट टाइप की वैरायटी कम हो जाती है, जो आपके स्कोर पर भी असर डालता है।  क्रेडिट ब्यूरो हर 30 से 45 दिन में रिपोर्ट करता है, इसलिए आपके क्रेडिट स्कोर पर तुरंत असर पड़ने की संभावना कम है। आपका क्रेडिट स्कोर भी कर्ज के भुगतान, लेट पेमेंट या क्रेडिट इंक्वारी से प्रभावित होता है।