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Daughter-in-Law Property Rights: ससुर की संपत्ति में बहू का होता इतना अधिकार, जान लें नियम

अगर किसी महिला के पति की मौत हो जाती है तो उसके पति की पैतृक संपत्ति पर उसका अधिकार नहीं होता है. हालांकि, पति की मौत के बाद महिला को ससुराल के घर से निकाला नहीं जा सकता. 
 
ससुर की संपत्ति में बहू का होता इतना अधिकार, जान लें नियम

Fast News24:  देश में महिलाओं को विभिन्न स्तर पर सशक्त बनाने के लिए संविधान में उन्हें कई अधिकार दिए गए हैं। इसके अलावा समय के साथ होने वाले कई सामाजिक बदलावों को देखते हुए भी महिलाओं को नए अधिकार दिए जाते हैं, ताकि उनको समाज में किसी प्रकार के भेदभाव या अन्य दिक्कतों का सामना न करना पड़े। 

गौरतलब बात है कि आज के इस आधुनिक युग में जब देश में कई महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर मुखर हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ देश में आज भी कई महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें संविधान द्वारा मिले हुए अपने अधिकारों के बारे में बिल्कुल भी नहीं पता है। इसी सिलसिले में आज हम इस खबर के माध्यम से महिलाओं से जुड़े एक खास संपत्ति के अधिकार के बारे में बताने जा रहे हैं। अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि क्या सास-ससुर की प्रॉपर्टी में बहू का भी हक होता है? आइए जानते हैं इसके बारे में - 

माता-पिता द्वारा स्व-अर्जित संपत्ति पर उनके बेटों का अधिकार होता है। वे माता-पिता द्वारा स्व-अर्जित संपत्ति पर अपने अधिकार का दावा कर सकते हैं। वहीं बहू सास-ससुर द्वारा अर्जित संपत्ति पर अपने अधिकार का दावा नहीं कर सकती है। उनका इसमें कोई हक नहीं होता है।

वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पति की पैतृक संपत्ति पर बहुओं का अधिकार दो तरह से हो सकता है। अगर पति संपत्ति का अधिकार बहू को ट्रांसफर करता है। इस स्थिति में बहू का अधिकार उस पर हो सकता है। 

इसके अलावा पति के निधन पर बहू का अधिकार संपत्ति पर हो सकता है। शादी होने के बाद बेटी दूसरे परिवार में बहू के रूप में जाती है। हालांकि, ससुराल की संपत्ति पर उसका हक नहीं होता है। वहीं पिता की संपत्ति पर उसका पूरा हक होता है।

आपको इस बारे में पता होना चाहिए कि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी के बीच ट्रांसफर होने वाली संपत्ति पैतृक संपत्ति की श्रेणी में आती है। वहीं बंटवारा होने के बाद पैतृक संपत्ति स्व-अर्जित संपत्ति में बदल जाती है। 

पति की संपत्ति पर पत्नी का कितना अधिकार?

ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि पति की संपत्ति पर पत्नी का पूरा हक होता है लेकिन यह बात पूरी तरह से सही नहीं है. इस संपत्ति पर पत्नी के अलावा परिवार के बाकी लोगों का भी अधिकार होता है. अगर कोई संपत्ति पति की कमाई हुई है तो उस पर पत्नी के साथ-साथ मां और बच्चों का भी अधिकार होता है.

अगर किसी व्यक्ति ने अपनी वसीयत बना रखी है तो उसकी मौत के बाद उसके नॉमिनी को उसकी संपत्ति मिलती है. वह नॉमिनी उसकी पत्नी भी हो सकती है. वहीं अगर किसी शख्स की बिना वसीयत के मौत हो जाती है तो उसकी संपत्ति में पत्नी के अलावा मां और बच्चों आदि में बराबर बंटवारा होता है.

पति की पैतृक संपत्ति पर पत्नी का अधिकार

जबकि ससुराल वालों को महिला को मेंटेनेंस देना होता है. मेंटेनेंस की राशि ससुराल वालों की आर्थिक स्थिति के आधार पर कोर्ट द्वारा तय की जाती है. अगर महिला के बच्चे हैं तो उनको पिता के हिस्से की पूरी संपत्ति मिलती है. यदि विधवा महिला दूसरी शादी कर लेती है तो उसे मिलने वाला मेंटेनेंस बंद हो जाएगा.

तलाक होने पर महिला को संपत्ति के अधिकार

अगर किसी महिला का पति से तलाक हो जाता है तो वह पति से मेंटेनेंस मांग सकती है. यह भी पति और पत्नी दोनों की आर्थिक स्थिति के आधार पर तय होता है. तलाक के मामलों में मंथली मेंटेनेंस के अलावा वन टाइम सेटलमेंट का ऑप्शन भी मिलता है. तलाक के बाद अगर बच्चे मां के साथ रहते हैं तो पति को उनका भी भरण पोषण देना होगा.

बता दें कि तलाक की स्थिति में पत्नी का अपने पति की संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं होता है. हालांकि, महिला के बच्चों का उनके पिता की प्रॉपर्टी पर पूरा अधिकार होता है. वहीं पति-पत्नी की कोई ऐसी संपत्ति है जिसमें वे दोनों मालिक है तो उसका बराबर बंटवारा किया जाएगा.