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Daughter-in-law rights : ससुराल में बहू को होते हैं ये 5 अधिकार, जान लें


कानून के अनुसार, महिला ससुराल में मन-सम्मान के साथ रहने का हक रखती है। वह उसी जीवनशैली में रहने का अधिकार रखती हैं, जो पति के पास होता है।
 
ससुराल में बहू को होते हैं ये 5 अधिकार, जान लें

Fast News24:  विवाह के बाद लड़की माता-पिता का घर छोड़कर अपने नए घर यानी ससुराल चली जाती है। यहां न सिर्फ उसे नया परिवार बल्कि कानूनी तौर पर कई नए अधिकार भी मिलते हैं। हालांकि, अधिकतर महिलाएं अपने इन अधिकारों के बारे में पूरी तरह से अनजान रहती हैं। जिसकी वजह से विवाहिता को अक्सर ससुराल में उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। जानें, ससुराल में बहू के क्या-क्या अधिकार हैं।

धन का बंटवारा नहीं-

हिंदू विवाह कानून के तहत स्त्रीधन पर बहू का एकाधिकार होता है। इसका बंटवारा नहीं हो सकता। स्त्रीधन पति, सास-ससुर समेत किसी के भी निगरानी में रखा गया हो, उस पर सिर्फ बहू का अधिकार होता है।

क्या होता है स्त्रीधन-

वैवाहिक रीति-रिवाजों और समारोहों के दौरान महिला को मिलने वाले तोहफे। जैसे, जेवरात सहित चल-अचल संपत्ति या फिर किसी भी तरह का उपहार और नकदी जो मुंह दिखाई एवं अन्य रस्मों के दौरान मिलता है। ये सभी स्त्रीधन के दायरे में आते हैं।

ससुराल के साझा घर का अधिकार-

कानून के अनुसार, शादी के बाद महिला अपने पति के साथ जिस घर में रहती हैं, उसे साझा घर कहा जाता है। भले ही घर सास-ससुर या पति की स्वामित्व वाला हो या किराये का। ससुराल के साझा घर में महिला तभी तक रहने का अधिकार रखती हैं, जब पति साथ हों।

मान-सम्मान का हक-
 सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के बहू के साझा घर में रहने के अधिकार को लेकर कई फैसले आए हैं। इनमें कहा गया है कि बहू साझा घर में सास-ससुर की अनुमति से ही रह सकती हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर साझा घर में रह रही बहू अपने सास-ससुर को प्रताड़ित करती है तो इस स्थिति में सास-ससुर को अपने बहू को घर से निकालने का अधिकार है।

घरेलू हिंसा रोकथाम अधिनियम और अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत विवाद होने की स्थिति में महिला अपने पति से गुजाराभत्ता पाने का अधिकार रखती हैं।

त्वरित सुनवाई की जरूरत-

न्यायपालिका को चाहिए कि जब कोई विवाहित महिला अपने अधिकार को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाए तो उस पर त्वरित सुनवाई हो, तभी कानून में उन्हें मिले अधिकारों का सही मतलब होगा। कई बार इन अधिकारों का दुरुपयोग होता है, उसे भी रोकने की जरूरत है।