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कितना सिबिल स्कोर होने पर मिलेगा कार का लोन, जानिए

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सभी कंपनियां किसी एक नियम को फॉलो नहीं करती हैं. फिर भी यदि अन्य फैक्टर्स को इग्नोर कर दिया जाए तो लोन देने वाली ज्यादातर संस्थाएं 700 से ऊपर के सिबिल स्कोर को बेहतर मानती हैं.
 
कितना सिबिल स्कोर होने पर मिलेगा कार का लोन, जानिए

Fast News24: कार लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर (CIBIL Score) क्या होना चाहिए? यह एक आम सवाल है जो कार लेने का सपना देखने वाले हर इंसान के मन में होता है. यदि आप भी जानने के इच्छुक हैं तो बता दें कि कार लोन देने वाले की पॉलिसी पर निर्भर करता है कि वह कितने सिबिल स्कोर पर लोन मुहैया कराता है. केवल सिबिल स्कोर ही नहीं, आय, कर्ज, नौकरी की स्थिरता, और डाउन पेमेंट के अमाउंट इत्यादी के मद्देनजर कार लोन और उस पर इंटरेस्ट रेट तय किया जाता है.

700 से ऊपर सिबिल स्कोर होने से यह तय हो जाता है कि लोन लेने वाला, चुकाने की इच्छा भी रखता है. हालांकि सिबिल स्कोर किसी व्यक्ति के इतिहास में लिए गए लोन को चुकाने के आधार पर बनता है.

कितनी होती है ब्याज की दर

यदि कोई बैंक या लोन जारी करने वाली संस्था आपका लोन पास भी करती है तो यह जरूरी नहीं कि उस पर स्थाई ब्याज दर लागू हो. अलग-अलग कंपनियां अपने हिसाब से ब्याज दर तय करती हैं. यदि किसी का सिबिल या क्रेडिट स्कोर ज्यादा है तो उसे कम ब्याज दर पर लोन मिल जाता है. इसके उलट कम सिबिल पर ज्यादा ब्याज लिया जाता है.

फिर भी लोन लेने वाले को यह ध्यान में रखना चाहिए कि केवल क्रेडिट स्कोर से ही काम नहीं चलता. लेंडर (लोन देने वाला) लोन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग के वक्त कई अन्य चीजों पर भी गौर करता है. इनमें आपकी आय, कर्ज और आय का रेश्यो, जॉब स्टैबिलिटी जैसी चीजों को देखा जाता है. यदि आपका क्रेडिट स्कोर 700 से कम है, तब भी आपको कार लोन मिल सकता है. इस केस में आपको ज्यादा ब्याज दरें देनी होंगी और लोन की जुड़ी शर्तें कड़ी होंगी.

कम हो सिबिल स्कोर तो क्या करें?

सिबिल स्कोर कम होना चिंता का विषय है, क्योंकि इस सूरत में किसी भी तरह का लोन लेना बहुत मुश्किल हो जाता है. ज्यादा कम स्कोर होने पर लोन मिलता ही नहीं है. यदि किसी भी वजह से आपका क्रेडिट स्कोर अथवा सिबिल कमजोर हो गया है तो आपको इसे ठीक करने के प्रयास करने चाहिए.

सिबिल ठीक करने के प्रयासों में आपको समय पर लोन की किस्तें चुकानी चाहिए. आपको आउटस्टैंडिंग कर्ज कम करने की कोशिश करनी चाहिए और क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो को सुधारने की दिशा में सकारात्मक प्रयास करने चाहिए.