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Loan Default: एक बार लोन हो गया डिफॉल्ट, तो जानिए कब तक बैंक नहीं देगा लोन

जब बैंक ग्राहक डिफाल्टर हो जाता है तो उसका सिबिल स्कोर खराब हो जाता है. ऐसे में उसको बैंक के द्वारा जब तक लोन नहीं दिया जाता है जब तक उसका सिबिल स्कोर सहीं नहीं हो जाता है. 

 
एक बार लोन हो गया डिफॉल्ट, तो जानिए कब तक बैंक नहीं देगा लोन

FastNews24:  कई बार हमें अपनी कुछ जरूरतें पूरी करने के लिए लोन लेने की जरूरत पड़ जाती है. कोशिश और जरूरत यही होती है कि हम टाइम पर अपना लोन चुका दें, लेकिन हममें से बहुत लोग किसी कारण से अपना लोन नहीं चुका पाते और बैंक उन्हें डिफॉल्टर घोषित कर देते हैं.

और जब इसकी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो तक पहुंचती है तो कर्जदार ग्राहक का क्रेडिट स्कोर भी घटा दिया जाता है, ऐसे में उससे बड़ा नुकसान हो जाता है. लोन पर डिफॉल्ट करने के भी अपने कई नुकसान हैं, लेकिन यहां हमारा सवाल है कि अगर आप अपना पिछला लोन नहीं भर पाए हैं तो आप इसके बाद फिर नए लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं या नहीं?

पिछले लोन पर डिफॉल्ट कर दिया है तो जाहिर है कि आपको आगे चलकर लोन लेने में दिक्कत होगी, लेकिन इसके बावजूद आप लोन पा सकते हैं. कुछ बैंक ऐसे ग्राहकों को भी लोन देते हैं, जिन्होंने लोन पर पहले डिफॉल्ट किया है. इसके लिए बैंक कुछ चीजें देखते हैं. और आपको भी कुछ चीजें पहले से फिक्स कर लेनी होती हैं, ताकि बैंक आपके लोन को मंजूरी दे दे. जैसे- अपना फाइनेंस मैनेज करना, पिछले कर्ज चुकाना, किस्तें चुकाने में देरी न करना.

नए लोन के लिए अप्लाई करने से पहले जान लें ये बातें-
1. Credit Score-

पिछले लोन पर डिफॉल्ट करने से आपका क्रेडिट स्कोर धड़ाम हो सकता है. लोन अप्रूवल के लिए बैंक अच्छा क्रेडिट स्कोर मांगते हैं. ऐसे में लोन अप्लाई करने से पहले वक्त पर कर्ज चुकाकर अपना क्रेडिट स्कोर फिक्स कर लें.

2. Loan Amount-

डिफॉल्ट के बाद लोन लेना है तो ये भी मायने रखता है कि अब आपको किस टाइप का लोन चाहिए. बैंक डिफॉल्ट के बाद शायद आपको बड़े अमाउंट का लोन न दें, ऐसे में अगर आपको छोटा अमाउंट चलेगा, तो आप इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं, छोटे अमाउंट के लिए बैंक मंजूरी दे सकते हैं.

3. Income-

अगर आप पिछला लोन किन्हीं कारणों से नहीं भी चुका पाए हैं तो बैंक नए ऐप्लीकेशन पर ये देखकर आपको लोन दे सकते हैं कि आप अभी अपना लोन चुकाने की स्थिति में हैं या नहीं. यानी कि आपकी आय स्थिर है या नहीं. जॉब परमानेंट है या नहीं. जॉब सिक्योरिटी कितनी है वगैरह-वगैरह.