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Property right: पिता की मौत के बाद बेटे और बेटी का प्रोपर्टी पर होता हौ इतना अधिकार, जानिए क्या कहता है कानून

दिल्ली हाईकोर्ट (delhi high court) ने महिला की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अविवाहित बेटी या विधवा बेटी के पास परिजनों से गुजारा भत्ता व संपत्ति में हिस्सा लेकर जीवन यापन करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं होता है. 
 
पिता की मौत के बाद बेटे और बेटी का प्रोपर्टी पर होता हौ इतना अधिकार, जानिए क्या कहता है कानून

Fast News24:  दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court)ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला में कहा है कि अविवाहित या विधवा बेटी (Unmarried and Widowed Daughter) अपने मृत पिता की संपत्ति (Property of Deceased Father) में हकदार होती है, लेकिन तलाकशुदा बेटी (Divorced Daughter) पर यह लागू नहीं होता है. 

इसलिए तलाकशुदा बेटी का नहीं होता अधिकार 

हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi high court) के पास ऐसा केस आया जो अपने आप में अनोखा था और उस केस का फैसला सुनते हुए कोर्ट (delhi high court decision) ने बताया है की की तलाकशुदा बेटी का पिता की प्रॉपर्टी पर कॉपी अधिकार नहीं होता इस बात पर तर्क देते हुए कोर्ट ने बताया है की तलाकशुदा बेटी भरण-पोषण के लिए पिता पर निर्भर नहीं होती है. तलाकशुदा बेटी भरण-पोषण या देखभाल के लिए पति पर आश्रित होती है. 

वह पूरे हक के साथ गुजारा भत्ता मांगने के लिए कानून का सहारा ले सकती है. बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने एक तलाकशुदा महिला की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की, जिसने पारिवारिक अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. दिल्ली की पारिवारिक अदालत ने महिला को मां और भाई से भरण-पोषण का खर्च दिए जाने का अनुरोध करने वाली उसकी याचिका खारिज कर दिया था.

जबकि, तलाकशुदा बेटी अपने पति से गुजारा भत्ता पाने का हक होता है. न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा कि भरण-पोषण का दावा हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम की धारा 21 के तहत किया गया है, जो उन आश्रितों के लिए है जो भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं.