Fast Newz 24

UP Liquor Sale : यूपी के इन 2 जिलों में सबसे ज्यादा लोग पीते हैं शराब


जानकारी के लिए बता दें कि एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पिछले वित्त वर्ष (last financial year) के दौरान भारत में लोगों ने करीब 40 करोड़ शराब की पेटियों की खरीदारी की.
 
 
 यूपी के इन 2 जिलों में सबसे ज्यादा लोग पीते हैं शराब

Fast News24: आजकल शराब का सेवन (alcohol consumption) हर जगह काफी बढ़ गया है। पूरे देश में क्या पूरी दुनिया में लोग अंधाधुंध शराब पी रहे है। बता दें कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में लोग अब ज्यादा शराब पी रहे हैं. पिछले कुछ सालों में, उत्तर प्रदेश, भारत के सबसे बड़े राज्य में, शराब की खपत में एक अद्वितीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के आबकारी विभाग के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अब हर रोज 10-10 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब की खपत हो रही है।

पिछलें दो सालों में इतनी बढ़ी खपत

जानकारी के मुताबिक, यूपी के लोग हर रोज 115 करोड़ रुपये की शराब और बीयर गटक जा रहे हैं. आंकड़े बताते हैं कि पूरे राज्य में शायद ही कोई ऐसा जिला होगा जहां शराब और बीयर की रोजाना बिक्री (Daily sales of wine and beer) ढाई-तीन करोड़ रुपये से कम की है. पिछले कुछ सालों के दौरान राज्य में शराब की खपत तेजी से बढ़ी है. सिर्फ 2 साल पहले राज्य में शराब की औसत खपत हर रोज करीब 85 करोड़ रुपये की थी.

यूपी के इन 2 जिलों में सबसे ज्यादा खपत

खबर में बताया गया है कि  आबकारी विभाग (Excise Department) के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि राज्य में कई ऐसे जिले हैं, जहां शराब की डेली खपत 12-15 करोड़ रुपये है. सबसे ज्यादा शराब की खपत करने वाले जिलों को देखें तो नोएडा और गाजियाबाद सबसे ऊपर है. इन दो जिलों में हर रोज 13 से 14 करोड़ रुपये की शराब व बीयर की खपत हो रही है.

आगरा जिला भी नही रहा पीछे

ताजमहल के लिए प्रसिद्ध शहर आगरा (alcohol in Agra) जो कि पर्यटकों से गुलजार रहने वाला जिला भी है वो भी इनमें बहुत पीछे नहीं है, जहां औसत रोजाना खपत 12-13 करोड़ रुपये की है. लखनऊ जिले में यह खपत 10-12 करोड़ रुपये डेली है. इसी तरह मेरठ और कानपुर भी दहाई अंकों का आंकड़ा रखते हैं. मेरठ के लोग हर रोज करीब 10 करोड़ रुपये की शराब पी रहे हैं, तो वहीं कानपुर में हर रोज 8 से 10 करोड़ रुपये की शराब की खपत हो रही है. वाराणसी भी 6-8 करोड़ रुपये की शराब की रोज खपत कर रहा है.

इन-इन कारणों से बढ़ती जा रही है डिमांड

वहां के आबकारी अधिकारी का दावा है कि पिछले 2-3 साल के दौरान राज्य के लगभग सभी जिले में शराब और बीयर की खपत (wine and beer consumption) बढ़ी है. मजेदार है कि शराब की खपत के कुल आंकड़े में 45 से 50 फीसदी योगदान देसी पीने वाले दे रहे हैं. 

आबकारी अधिकारी का कहना है कि कई कारण हैं, जो शराब की खपत को बढ़ा रहे हैं. लोगों की कमाई बढ़ रही है और उनके जीने के स्तर में सुधार हो रहा है. धीरे-धीरे शराब की सामाजिक स्वीकार्यता बढ़ रही है और आबकारी विभाग की सख्ती से तस्करी पर अंकुश है.

पूरे देश में बढ़ गई है शराब की बिक्री

 इसे औसत निकालें तो मतलब यह निकलता है कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान शराब के शौकीनों ने 750 एमएल की करीब 4.75 अरब बोतलें खरीद ली. बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि शराब की मांग (demand for liquor) हर कैटेगरी में आई. चाहे व्हिस्की हो या रम, ब्रांडी हो या जिन अथवा वोदका... हर तरह की शराबें खूब बिकीं. इनमें भी प्रीमियम यानी अधिक कीमत वाली शराब की बिक्री ज्यादा रही.