Fast Newz 24

Garuda Purana Rules: घर में भूल कर भी न करें ये गलती, होगा नुकसान

Garuda Purana Rules: आपको बता दें कि गरुड़ पुराण के अनुसार व्यक्ति को अपने जीवन... The post Garuda Purana Rules: घर में भूल कर भी न करें ये गलती, होगा नुकसान appeared first on Fast Newz 24.
 
Garuda Purana Rules: घर में भूल कर भी न करें ये गलती, होगा नुकसान

Garuda Purana Rules: आपको बता दें कि गरुड़ पुराण के अनुसार व्यक्ति को अपने जीवन में उसके कर्मों के अनुसार ही फल की प्राप्ति होती हैं.

अगर व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे कर्म करता है तो उसे सुख की प्राप्ति होती है. लेकिन बुरे कर्मों के लिए उसे दुख भोगना पड़ता है.
बता दें कि गरुड़ पुराण में ऐसा कहा गया है कि व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद भी अपने अच्छे बुरे कर्मों का भोग करता है. इसके साथ ही मान्यता है कि गरुड़ पुराण (Garuda Purana Rules) जो भगवान विष्णु का रूप माना गया है.

यदि इसमें लिखी हुई बातों का वह सही से पालन करता है तो, वह व्यक्ति न केवल अपने जीवनकाल में ब्लकि जीवन के बाद भी उसका भोग भोगता है.

ऐसी ही शिक्षा बताई गई है जिसका पालन न करने से परिवार में इन आदतों को अपनाने से घर पर कंगाली का माहौल हो जाता है और मां लक्ष्मी भी रूठकर चली जाती हैं आइए जानते हैं इन बातों को…

खाने के बाद झूठे बर्तन न छोड़े

अक्सर हम सब अपनी थाली में खाना छोड़ देते हैं या फिर खाना खाने के बाद थाली में ही हाथ धुलते हैं, ऐसा करना भी गरुड़ पुराण में वर्जित माना गया है.

Garuda Purana: जानिए क्यों सिर्फ मौत के बाद ही पढ़ा जाता है गरुड़ पुराण

यदि आप या आपके परिवार का कोई भी सदस्य ऐसा कर रहा है तो उसे तुरंत माना करें, क्योंकि अन्न का अपमान करने से भी मां लक्ष्मी रूठ जाती है. और खाना खाने के कुछ समय बाद जूठे बर्तन धुलकर रखें और रसोई भी साफ कर दें.

कूड़ा न करें इकट्ठा

बहुत से लोग ऐसे होते है जो अपने घरों में लंबे समय तक कबाड़ा इकट्ठा कर लेते हैं, लेकिन आपको बता दें कि ऐसा करना व्यक्ति के लिए अशुभ परिणाम दे सकता है.

साथ ही घर में नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है और घर के लोगों आपस में मतभेद का कारण बनते हैं. इसलिए गरुड़ पुराण में बताया गया है कि घर में कूड़ा- कबाड़ और जंग लगे लोहे को सामान इकट्ठा नहीं करना चाहिए.

The post Garuda Purana Rules: घर में भूल कर भी न करें ये गलती, होगा नुकसान appeared first on Fast Newz 24.